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CPM नेता की टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा, राजनाथ ने कहा- मैं आहत हुआ

लोकसभा में सोमवार से इन्टॉलरेंस पर चर्चा शुरू हो गई। चर्चा की शुरुआत करने वाले सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम के एक बयान पर सदन में हंगामा हो गया। उनके बयान पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज मैं जितना आहत हुआ हूं, उतना पहले कभी नहीं हुआ।

- सलीम ने आउटलुक मैगजीन की 16 नवंबर 2014 की एक कॉपी लोकसभा में दिखाई। सलीम ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राजनाथ सिंह ने कहा था कि 800 साल बाद कोई हिंदू देश का पीएम बना है।
- सलीम के यह कहते ही बीजेपी मेंबर्स हंगामा करने लगे। उन्होंने सलीम से बयान वापस लेने की मांग की।
- खुद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कृपया मोहम्मद सलीम यह बताएं कि मैंने ऐसा बयान कहां दिया है? किस अवसर पर बोला है? अगर वे यह नहीं बता पाए तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
- लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि आपने देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या आप ये साबित कर सकते हैं?
- बीजेपी सदस्यों के हंगामे के बाद भी सलीम अपने बयान पर कायम रहे।
- उन्होंने कहा- मैं नियम जानता हूं। मैं इस मैगजीन के एक आर्टिकल को कोट कर रहा हूं।
- तृणमूल नेता सौगत रॉय ने कहा कि अगर राजनाथ अपने इस बयान का खंडन कर रहे हैं तो क्या वे मैगजीन को नोटिस भेजेंगे?
- केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि जब खुद गृह मंत्री इस सदन में यह कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसा बयान नहीं दिया तो सलीम को माफी मांगनी चाहिए।
- रूडी ने कहा कि सलीम को बयान वापस लेना होगा, अन्यथा हम इस सदन में नहीं बैठ पाएंगे।
- सलीम के बयान पर बिफरे राजनाथ ने कहा- ‘मैं आज जितना मैं आहत हुआ हूं, उतना कभी नहीं हुआ। इस तरह का बयान अगर कोई गृह मंत्री देता है तो उसे इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। माइनॉरिटी कम्युनिटी को भी इस बात का अंदाजा है कि मैं कभी ऐसे बयान नहीं देता हूं। जब भी मैं बोलता हूं सोच-समझकर बोलता हूं।’
- सलीम ने कहा- मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं है। मैं भी 25 साल से संसद में हूं। मैंने किसी को आहत नहीं किया। जो काम आईबी, खुफिया एजेंसियों को करना था कि देखिए गृह मंत्रीजी! आपके बारे में ऐसा लिखा है, वह काम मैंने कर दिया।
- स्पीकर ने कहा कि सलीम का बयान रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होगा।
लोकसभा में और क्या कहा?
- सीपीएम नेता सलीम ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि किसी के घर में क्या पकाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या गरीबों को खाना मिल रहा है?
- चर्चा की शुरुआत सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने की। उन्होंने कहा- इन्टॉलरेंस आज सभी सेक्टर में है। सांस्कृतिक स्तर पर, राजनीतिक स्तर पर, सामाजिक स्तर पर, सभी जगह इन्टॉलरेंस है।
- गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपोजिशन से कहा कि अगर आपको लगता है कि देश में इन्टॉलरेंस बढ़ा है आपके हिसाब से, न कि सरकार के हिसाब से तो आप सरकार को सुझाव दें कि हम उसके लिए क्या कर सकते हैं?
- इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर चर्चा से पहले स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अपील की कि सभी पार्टियां सदन में इन्टॉलरेंस न दिखाएं। एक-दूसरे की बात को शांति से सुनें और जनप्रतिनिधि होने की डयूटी निभाएं।
- कांग्रेस ने इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव की मांग की।
बीते शुक्रवार संसद परिसर में संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू, मुख्तार अब्बास नकवी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे।
रिजिजु ने कहा- चिदंबरम के एक बयान ने कांग्रेस की हवा निकाल दी
- चिदंबरम ने शनिवार को एक मीडिया इवेंट में कबूल किया था कि सलमान रुश्दी की किताब सेटैनिक वर्सेस को बैन करना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सरकार की एक गलती थी।
- इस पर सलमान रुश्दी ने चिदंबरम के बयान के कुछ देर बाद ही ट्विटर पर रिएक्शन देते हुए कहा कि 'द सेटैनिक वर्सेस' पर रोक गलत थी, यह मानने उन्हें इतना समय लगा। अब इस गलती को सुधारने में कितने साल और लगेंगे?
- इसी मुद्दे पर गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजु ने कहा कि इन्टॉलरेंस का माहौल क्रिएट किया गया है। चर्चा से पहले चिंदबरम ने कांग्रेस की हवा निकाल दी है। उनके बयान से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस कितनी इन्टॉलरेंट पार्टी थी।
इन्टॉलरेंस पर सदन में चर्चा के पहले किस नेता ने क्या कहा?

- केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा कि इन्टॉलरेंस का मुद्दा क्रिएट किया गया है। हमारी टॉलरेंस एप्रोच है। हम सदन में सभी इश्यू पर चर्चा करने की इच्छा रखते हैं।

- शिवसेना के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सोशल और पॉलिटिकल लेवल पर कांग्रेस के जमाने में जितना इन्टॉलरेंस हुआ, उतना दुनिया में कभी नहीं हुआ है।

- कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम एक जिम्मेदार अपोजिशन की ड्यूटी निभाएंगे।

- कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकसभा में चर्चा के बाद ही हम कोई कमेंट कर सकते हैं।
संसद में हंगामेदार रहेगा ये हफ्ता

- राज्यसभा में कांग्रेस-जेडीयू ने रूल 267 के तहत कामकाज रोककर चर्चा का नोटिस दिया है। लेकिन राज्यसभा में ‘भारत के संविधान के लिए प्रतिबद्धता’ पर चर्चा होगी। एक दिन की चर्चा यहां शुक्रवार को हो चुकी है।
- लोकसभा में कांग्रेस और सीपीआईएम ने रूल 193 के तहत नोटिस दिए हैं। इस रूल के तहत वोटिंग नहीं करायी जाती या सदन के कामकाज को सस्पेंड करने की जरूरत नहीं होती।
- दाेनों सदनों में नोटिस इन्टॉलरेंस के मुद्दे पर डिबेट के लिए दिए गए हैं।
क्या है इन्टॉलरेंस का मुद्दा?

यूपी के दादरी में गोमांस रखने के शक में एक शख्स की हत्या हुई। इससे पहले कन्नड़ लेखक कलबुर्गी का मर्डर हुआ। इसी के बाद इन्टॉलरेंस का मुद्दा भड़का। अवॉर्ड वापसी की शुरुआत हुई। कई लेखकों, फिल्मकारों और वैज्ञानिकों ने देश में बढ़ते कथित इन्टॉलरेंस के माहौल के विरोध में पुरस्कार लौटा दिए। आमिर खान, शाहरुख खान, एआर रहमान और अरुंधति रॉय जैसी शख्सियतों ने इस मुद्दे पर बयान दिए जो विवादों में रहे।
कौन-सी पार्टी क्या मुद्दा उठा सकती है?
- कांग्रेस महंगाई पर चर्चा करना चाहती है। कांग्रेस ने निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। इसके अलावा, कांग्रेस देशभर में लेखकों और दूसरी हस्तियों द्वारा अवार्ड लौटाए जाने का मुद्दा भी उठाएगी।

- जेडीयू बड़े केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे मांग कर सकती है। जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि पीएम मोदी को भड़काऊ बयान देने वालों और अपनी कैबिनेट के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव ने ट्वीट किया- 'प्रधानमंत्री को देश को भरोसा दिलाना होगा कि सांप्रदायिक हिंसा नहीं होगी।'
लोकसभा में 8 और राज्यसभा में अटके हैं 11 बिल
मानसून सेशन विवाद और हंगामे के चलते पूरी तरह धुल गया था। इस वजह से पार्लियामेंट का कोई कामकाज नहीं हो सका। इसके चलते कुल आठ बिल लोकसभा में और 11 राज्यसभा में अटके हैं। जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) और जमीन बिल तो संसद की समितियों के पास ही फंसे हैं। सूत्रों की मानें तो सरकार विवादित लैंड बिल को छोड़कर बाकी सभी बिलों को पास कराने की कोशिश में है।
क्या है जीएसटी?

- मोदी सरकार प्रपोज्ड गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स को 1947 के बाद का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म बता रही है। यह अलग-अलग टैक्स खत्म कर उनकी जगह एक ही टैक्स सिस्टम लागू करने के लिए है।
- जीएसटी लागू होते ही सेंट्रल सेल्स टैक्स, एक्साइज, लग्जरी टैक्स, एंटरटेनमेंट टैक्स, ऑक्टरॉई, वैट जैसे अलग-अलग सेंट्रल और लोकल टैक्स खत्म हो जाएंगे। इससे पूरे देश में एक प्रोडक्ट लगभग एक जैसी ही कीमत पर मिलेगा।
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