कर्नाटक की झांकी में कॉफ़ी की धरती कोडगु को दिखाया गया। तमिलनाडु की झांकी में थोडा जनजाति की झलक दिखाई गई। उत्तराखंड की झांकी में रम्माण उत्सव की झलक दिखी। उत्तर प्रदेश की झांकी में जरदोई कला प्रदर्शित की गई।
वायुसेना के हैरतअंगेज करतब
सबसे अंत में रोमांच से भर देने वाले वायु सेना के अत्याधुनिक विमानों को राजपथ के ऊपर से हैरतअंगेज कारनामों के साथ उड़ान भरते देख कर उन विमानों की ताकत के साथ ही वायु सेना के पायलटों का हुनर और जांबाज़ी का अहसास हुआ। परेड के अंत में इंडिया गेट को जैसे चूमते हुए गुजर जाने का अहसास देने वाले भारतीय वायु सेना के 27 विमानों ने इस बार फ्लाई पास्ट में हिस्सा लिया। फ्लाई पास्ट की अगुवाई एमआई.17 वी5 हेलिकाप्टरों ने अंग्रेजी वाई की शक्ल में उड़ान भरी। इसके दूसरे चरण के रूप में एमआई 35 के तीन हेलिकॉप्टरों ने चक्र शक्ल में और उसके बाद तीन सी.130 सुपर हर्कुलिस विशाल विमानों ने उड़ान भरी। इसके बाद एक सी.17 और दो सुखोई.30 एमकेआई विमानों ने ग्लोब फार्मेशन में उड़ान भरी। लड़ाकू विमानों की बारी आने पर पांच जगुआर विमानों ने तीर की शक्ल में राजपथ के ऊपर से उड़ान भरी और उसके बाद पांच मिग 29 विमानों ने उसी रूप में परवाज की।
मोटरसाइकिल के करतब को लोगों ने खूब सराहा
हर बार की तरह इस बार भी मोटरसाइकलों पर कौशल और जाबांजी दिखाने वाले डेयरडेविल स्टंट को लोगों ने खूब सराहा। राष्ट्रगान के साथ परेड का समापन हुआ। समापन पर राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों वाले गुब्बारों ने पूरे आसमान को ढक लिया।
राष्ट्रीय राजधानी के आसपास सुरक्षा का कड़ा घेरा
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आतंकी हमले की आशंका की खुफिया सूचना के चलते राष्ट्रीय राजधानी में आज जमीन से हवा तक सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किये गए और हजारों जवान चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर बनाए हुए थे। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा का यह आलम था कि इसकी एक तरह से किलेबंदी कर दी गई थी। हल्की मशीनगनों से लैस कमांडो को सामरिक महत्व के स्थानों पर तैनात किया गया था और राजधानी में दो महत्वपूर्ण स्थानों पर विमान रोधक तोपें लगाई गई थीं। मध्य और नई दिल्ली इलाकों में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50 हजार जवान तैनात किए गए थे। राजपथ पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध के रूप में समारोह स्थल पर वीवीआईपी गलियारे में सुरक्षा के बहुस्तरीय प्रबंध किये गए थे, जिसमें एक घेरा राष्ट्रपति सुरक्षा गार्डों का था, एक एक घेरा एसपीजी अधिकारियों, एनएसजी कमांडो का था और दिल्ली पुलिस सबसे बाहरी सुरक्षा घेरे के तौर पर चौकसी कर रही थी।
इंडिया गेट के 2 किलोमीटर के दायरे में विशेष गश्ती दल तैनात किए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राजपथ के इर्द गिर्द 45 इमारतों पर सुरक्षा बलों के सटीक निशानेबाजों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम के तहत मध्य और नई दिल्ली क्षेत्र में 15 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाये गए। करीब एक हजार यातायात अधिकारियों को रिवॉल्वर जारी किये गए ताकि किसी भी खतरे से तत्काल निपटा जा सके।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस प्रमुख बीएस बस्सी ने अपने बलों और पड़ोसी राज्यों के पुलिस विभागों से ड्रोनों पर सतर्क नजर रखने को कहा। इन्हें सुरक्षा के लिए बड़े खतरे के तौर पर देखा जा रहा है।
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